वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
इस ऐतिहासिक पल के दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और सांसद सुकांत मजूमदार समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे
कोलकाता। बंगाल की सियासत में गुरुवार को एक नए युग का सूत्रपात हो गया। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। नवनिर्वाचित विधायक दल का नेता चुने जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर शुभेंदु अधिकारी शाम साढ़े छह बजे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात कर सरकार गठन का आधिकारिक दावा पेश किया। इस ऐतिहासिक पल के दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और सांसद सुकांत मजूमदार समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद तक का यह सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। 2026 के इन चुनावों में उन्होंने न केवल अपनी परंपरागत सीट नंदीग्राम को सुरक्षित रखा, बल्कि भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पटखनी देकर राजनीति के सबसे बड़े जायंट किलर बनकर उभरे। ममता बनर्जी की उनके ही गढ़ में हार ने शुभेंदु के कद को इतना ऊंचा कर दिया कि विधायक दल की बैठक में किसी दूसरे नाम पर चर्चा तक नहीं हुई।
अब सबकी निगाहें कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर टिकी हैं, जहाँ शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, यह समारोह बेहद भव्य होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे। बीजेपी नेताओं का मानना है कि यह केवल एक सरकार का गठन नहीं, बल्कि बंगाल की जनता द्वारा चुनी गई विचारधारा का नया सवेरा है। राजभवन से बाहर निकलते समय समर्थकों के जोश और नारों ने साफ कर दिया कि बंगाल की राजनीति अब एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा चुकी है।